रहस्यमय दरवाजा | rahasyamayi darwaza | best kahani

रहस्यमय दरवाजा | rahasyamayi darwaza | best kahani:

रहस्यों से जुड़ी कहानियां पढ़ने में दिलचस्प लगती है| लेकिन कुछ रहस्य ऐसे भी होते हैं जो, होते तो काल्पनिक हैं, लेकिन वास्तविकता बनते देर नहीं लगती| रहस्यमय दरवाजा (rahasyamayi darwaza) एक ऐसी ही, जबरदस्त कहानी (best kahani) है जो, आपको रोमांचक एहसास करवाएगी| एक छोटा सा गाँव था| उसी गाँव में कार्तिक नाम का एक लड़का रहता था| उसे पढ़ाई में कोई दिलचस्पी नहीं थी| वह ज़्यादातर जंगल में पेड़ पौधों के बारे में जानकारी जुटाने का इच्छुक था| इसके लिए वह कई घंटों, जंगल अकेले ही निकल जाया करता था| उसके पिता जी को उसका जंगल घूमना पसंद नहीं था| वह उसे आवारा लड़का समझते थे| वह चाहते थे कि, कार्तिक कुछ काम ढूँढ लें, ताकि कुछ पैसे कमाने लगे, लेकिन उसे कहीं नौकरी नहीं मिलती, इसलिए वह उसे मजबूरी में अपनी ही किराने की दुकान में, काम करने को कहते हैं| कार्तिक को दुकान में काम करने में, कोई रुचि नहीं थी, लेकिन अपने पिताजी का दिल रखने के लिए, उन्हीं के साथ दुकान में, बैठने लगता है| कार्तिक को पतंग उड़ाने में मज़ा आता था, इसलिए वह ख़ाली समय में, अपने घर के पीछे, पहाड़ी मैदान में, पतंग उड़ाया करता था| कार्तिक की ज़िंदगी का कोई लक्ष्य नहीं था, इसलिए वह अपने काम में लापरवाही करता रहता था| कार्तिक के पिता जी जानते थे कि, किराने की दुकान का काम कार्तिक के बस की बात नहीं, लेकिन उन्हें लग रहा था कि, शायद वह काम सीख जाएगा| एक दिन कार्तिक दुकान में बैठा होता है| उसी समय एक ग्राहक आकर, कार्तिक से छुट्टे पैसे माँगता है और कार्तिक बिना नोट चैक किए, उसे खुल्ला पैसे दे देता है और उसका नक़ली नोट अपने पास रख लेता है और जब कार्तिक के पिताजी दुकान पर आते हैं तो, वह नक़ली नोट, उनके हाथ लग जाता है और जब उन्हें सारी बात पता चलती है तो, वह ग़ुस्से से कार्तिक को दुकान से निकाल देते हैं और कहते हैं, “तुम दोबारा दुकान पर मत बैठना”| कार्तिक को अपने पापा की बात बुरी नहीं लगती| दरअसल उसे दुकान में बैठना बिलकुल पसंद नहीं था और वह चाहता था कि, उसके पापा उसे दुकान में न बुलाएँ| कार्तिक अपने घर पहुंचकर, अपनी पतंग लेकर पहाड़ी के किनारे आ जाता है और वहीं, वह अपनी पतंग उड़ाने लगता है| पतंग उड़ाते वक़्त हवाएँ तेज हो जाती हैं| कार्तिक की पतंग आसमान में लहराने लगती है|

रहस्यमय दरवाजा
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कार्तिक जल्दी से अपनी पतंग नीचे उतारने की कोशिश करता है और उसी कोशिश में पतंग का धागा टूट जाता है| पतंग जाकर एक पेड़ में फँस जाती है| कार्तिक भी पतंग के पीछे पीछे भागने लगता है और पहाड़ी के किनारे, उसी पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो जाता है, जहाँ वह पतंग लटक रही थी| कार्तिक पत्थर मारकर पतंग निकालने की कोशिश करने लगता है| अचानक कार्तिक की नज़र, पेड़ के पीछे बने एक दरवाज़े पर पड़ती है, जिसे देखकर वह चौंक जाता है| कार्तिक धीरे धीरे दरवाज़े के क़रीब पहुँचता है| उसे ताज्जुब होता है कि, इस वीरान जगह पर पहाड़ के अंदर दरवाजा कैसे हो सकता है| दरवाजा रहस्यमयी (rahasyamayi darwaza) लग रहा था| कार्तिक हिम्मत करके दरवाज़े को खोल देता है| दरवाजा खुलते ही, कार्तिक की आंखें फटी की फटी रह जाती है क्योंकि, सामने एक स्वर्ग से भी सुंदर, रहस्यमयी दुनिया नज़र आ रही होती है| कार्तिक धीरे धीरे दरवाज़े के अंदर बनी, सीढ़ियों से उतरने लगता है, जैसे ही कार्तिक, रहस्यमयी दुनिया की ज़मीन में, क़दम रखता है, वह अचानक हवा में उड़ने लगता है| बड़ी मुश्किल से वह, आसमान में अपने आप को संतुलित कर लेता है| कार्तिक चारों तरफ़ नज़र घुमाकर देखता है, उसे कई जानवर, पेड़ पौधे और इंसान हवा में उड़ते नज़र आ रहे होते हैं| और तो और, बड़े बड़े घर, हवा में उड़ रहे होते हैं, जिनमें सोलर पैनल लगाए गए थे| सूरज की सहायता से चार्ज करके, घरों में विद्युत प्रदान की जा रही थी| कार्तिक ऐसी नायाब तकनीक का नमूना देखकर, हैरत में पड़ जाता है| दरअसल ये दुनिया पृथ्वी से बिल्कुल उलट थी जो, चीज़ आसमान में उड़ने वाली थी, केवल वही ज़मीन पर चल सकती थी, क्योंकि यहाँ गुरुत्वाकर्षण बल की कमी थी, जिस वजह से ज़मीन पर चलने के लिए, पंखों की आवश्यकता होती थी, इसलिए केवल पक्षी और उड़ने वाले कीड़े मकोड़े ही, ज़मीन पर चल सकते थे| कार्तिक को यह नज़ारा अद्भुत लग रहा था| कार्तिक को इस रहस्यमयी दुनिया के लोग, अचंभे की तरह देख रहे थे| तभी कुछ लोग आकर, कार्तिक से उसके बारे में पूछते हैं| कार्तिक बड़ी मुश्किल से, अपने आपको हवा में संतुलित कर पा रहा था| उसने इतना अद्भुत नज़ारा देखा था कि, उसके मुँह से शब्द नहीं निकल रहे थे| कुछ देर तक बिना बोले ही, कार्तिक हवा में उड़ता रहता है|

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इस दुनियाँ के इन्सान कार्तिक को देखने के लिए चारों तरफ़ घूमने लगते हैं| कार्तिक के कपड़े और उनके कपड़े बिलकुल अलग थे| इस दुनिया के इंसानों के कपड़ों में सोलर चार्जिंग पैनल लगे हुए थे, जिसकी मदद से वह अपने शरीर में लगे गैजेट्स का इस्तेमाल कर पाते थे| सभी के पास एक से बढ़कर एक आधुनिक यंत्र मौजूद थे जो, पृथ्वी की तुलना में, कहीं ज़्यादा आधुनिक थे| इस जगह पर भी, पृथ्वी की ही तरह, लोगों ने अपने अलग अलग देश बना रखे थे और हर देश में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और आर्मी फोर्सेस भी थी| कार्तिक इस दुनिया में अजनबी था, जिसकी वजह से लोगों उसे संदिग्ध व्यक्ति समझ रहे थे और इसी कारण उसे, गिरफ़्तार कर लिया जाता है| कार्तिक बहुत विनती करता है कि, “मैंने कुछ नहीं किया| मुझे गिरफ़्तार क्यों कर कर रहे हो?” लेकिन उसकी बात किसी को समझ में नहीं आती| यहाँ के लोगों की, भाषा शैली बिलकुल अलग थी| ज़्यादातर लोग, कम शब्दों में ही बात किया करते थे| कार्तिक को गिरफ़्तार करके पूछताछ करने के लिए, पुलिस थाने लाया जाता है| कार्तिक लोगों को अपनी बात समझा पाने में असमर्थ था, क्योंकि उसकी भाषा किसी को समझ में नहीं आ रही थी| कार्तिक की बात को समझने के लिए, लैंग्वेज डिकोडर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है|

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लैंग्वेज ट्रांसलेटर की मदद से, उन्हें कार्तिक के बारे में, बहुत हद तक जानकारी मिल जाती है और वह समझ जाते हैं कि, कार्तिक कोई ऐसा व्यक्ति नहीं, जिससे हमारी दुनिया को नुक़सान पहुँचेगा, बल्कि यह पृथ्वी ग्रह से भटक कर हमारी दुनिया में प्रवेश हो गया है| इस दुनिया के लोग कार्तिक को अपना मेहमान समझने लगते हैं| कार्तिक के खाने पीने के लिए शाही व्यंजनों की तैयारी की जाती है| कार्तिक इनके बदलते व्यवहार से चिंतित था, क्योंकि वह इनकी बातों को समझ नहीं पा रहा था| जैसे ही कार्तिक को खाने की टेबल के सामने लाया जाता है, कार्तिक के चेहरे में मुस्कुराहट आ जाती है, क्योंकि वह काफ़ी देर से भूखा था| कार्तिक तुरंत खाने की टेबल के आस पास मंडराने लगता है और जैसे ही कार्तिक, खाने का पहला निवाला मुँह में डालता है, उसे तुरंत उल्टी हो जाती है| खाने का स्वाद एकदम कड़वा था| कार्तिक को ऐसे खाने की आदत नहीं थी| खाने का अपमान देखकर, दूसरी दुनिया के लोगों को ग़ुस्सा आता है| वह इशारों में, कार्तिक को खाने के लिए दोबारा कहते हैं लेकिन, कार्तिक उन्हें मना कर देता है| कार्तिक उन्हें इशारे से समझाता है कि, अपने लिए खाना, वह ख़ुद ही बना लेगा| केवल उसे खाने पीने की चीज़ें उपलब्ध करा दी जाए| कार्तिक को पेड़ पौधों के बारे में पहले से ही अच्छी जानकारी थी| कार्तिक को किचन में भेज दिया जाता है और कुछ ही घंटों की मेहनत के बाद, कार्तिक स्वादिष्ट खाना तैयार कर लेता है| कार्तिक के खाने की ख़ुशबू से, इस दुनिया के लोगों के मुँह में, पानी आ जाता है| वह भी कार्तिक का बनाया हुआ खाना चखना चाह रहे थे| कार्तिक, सभी को खाने के लिए आमंत्रित करता है| कार्तिक का बनाया हुआ खाना खाते ही, सभी कार्तिक के दीवाने हो जाते हैं| उन्होंने आज तक, इतना स्वादिष्ट खाना नहीं खाया था| इस दुनिया में पृथ्वी की तुलना में, खाने के अलावा सभी चीज़ें बेहतर थी, लेकिन आज इन्हे खाने के, असली स्वाद का एहसास हो चुका था| कार्तिक के बनाए हुए खाने की बात, दूर दूर तक फैला लगती है| एक दिन इस शहर में, इस दुनिया के प्रधानमंत्री का दौरा होने वाला था, जिनके स्वागत के लिए पूरे शहर को सजाया जा रहा था, लेकिन खाने की ज़िम्मेदारी कार्तिक को दी जाती है| कार्तिक अब इन लोगों के इशारों को समझने लगा था और उसे भी इस दुनिया में मज़ा आने लगा था| जैसे ही प्रधानमंत्री का आगमन होता है, उनका ज़ोरदार स्वागत किया जाता है और प्रधानमंत्री जी के भाषण के बाद, भोजन की व्यवस्था की जाती है| प्रधानमंत्री के दौरे में, एक से एक अधिकारी आए होते हैं और जैसे ही, प्रधानमंत्री खाना खाते हैं, वह अपनी कुर्सी से उछल पड़ते हैं| कार्तिक ने स्वाद का ऐसा नायाब नमूना पेश किया था कि, इस दुनिया में सभी उसके स्वाद के दीवाने होने लगते हैं| प्रधानमंत्री आदेश देते हैं कि, कार्तिक को सर्वोच्च सम्मान दिया जाए और इससे खाना बनाने की सारी विधियाँ सीखी जाए| प्रधानमंत्री के आदेश से कार्तिक को, इस दुनिया का प्रतिष्ठित नागरिक बना दिया जाता है |

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कार्तिक के रहने के लिए, एक बहुत ही सुंदर घर, उपहार स्वरूप दिया जाता है| कार्तिक की ज़िंदगी बदल चुकी थी और वह अब पृथ्वी नहीं जाना चाहता था| धीरे धीरे कार्तिक, इसी दुनिया का स्थाई नागरिक बन चुका था| इसके बाद कार्तिक ने वह रहस्यमय दरवाजा (rahasyamayi darwaza) कभी नहीं खोला और इसी के साथ जबरदस्त कहानी (best kahani) समाप्त हो जाती है|

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